Sunday, 21 June 2015

चुड़ैल का प्यार

प्यार तो ऐसी चीज है जो जानवरो और इंसानो में ही नही हर उस जिव में है जो सास लेती है । तो क्या किसी आत्मा या चुड़ैल को प्यार नही हो सकता ।
बारिश की रात
बात 2012 , निकोबार के जंगलो की है। रात हो चुकी थी और रवि काफी देर से ड्राइविंग कर रहा था । उसे हलकी -2 नींद भी आ रही थी और भूख भी लगी थी । तभी अचानक उसे एक आम का पेड़ नजर आया साथ ही एक पपीते का पेड़ भी था । रवि ने सोचा क्यों न कुछ खा लिया जाए । ये सोच वो गाडी से बाहर निकला और जंगल की ओर चल दिया । पेड़ पास ही था पर रवि जितना करीब पेड़ के जाता पेड़ उतना ही दूर नजर आता । काफी देर चलने के बाद जब रवि ने पीछे मुड कर देखा तो न सड़क नजर आई और न ही उसकी कार ,सब गायब हो चूका था और अब बस पेड़ ही पेड़ नजर आ रहे थे । रवि बुरी तरह परेशान हो गया और तेजी से भागने लगा। पर कोई भी तरकीब काम नही आई और अब वो बुरी तरह से फस चुका था ।
सुंदर सी लड़की
न रात का पता चल रहा था न दिन का । बस एक खामोशी थी जो रवि को खा रही थी। तभी पायल की आवाज से पूरा जंगल गूंज उठा । पहले तो रवि घबरा गया पर सामने से आती एक लड़की को देख उसकी सास में सास आई ।  रवि भी उसकी ओर बढ़ चला । वो एक बहुत  ही खूबसूरत और नेक लड़की दिख रही थी । पर हर गुलाब पर काटे होते है ।
रवि ने उससे जंगल से बाहर निकलने का रास्ता पूछा पर उस लड़की को हिंदी नही आती थी । फिर भी रवि ने इशारो इशारो में अपनी बात उसे समझा दी ।  उस लड़की ने अपना नाम  निया बताया और साथ ही उसे जंगल से निकलने में मदद भी करने का भरोषा दिलाया । निया आगे आगे और रवि पीछे पीछे चलते रहे । एक पल के लिए रवि को  लगा  की निया उसे और भी गहरे जंगल में ले जा रही है पर वो क्या करता उस लड़की के अलावा कोई और तो था ही नही उसकी मदद करने के लिए । तभी निया के पैर में एक काटा चुभ गया और वो दर्द से चिल्लाने लगी । रवि ने फौरन उस का पैर पकड़ कर उस काटे को बाहर निकाला और उसके पैर पर हाथ सहलाने लगा। दोनों की आखे एक दूसरे की ओर ही देख रही थी और न जाने कब रवि ने निया को अपनी बाहो में ले लिया। वो एक मिनट रवि के जीवन का सबसे अदभुद पल था । निया भी अपना सारा दर्द भूल कर उसकी बाहो में खो सी गई ।
मै कभी नही भूलूंगा
अब सारे रास्ते रवि कभी निया को देखता तो कभी निया रवि को । रवि ने कहा काश हम यू ही सारी उमर चलते रहे । ये सुन कर निया के चहरे पर एक मुस्कान सी बिखर गई । हा वो कुछ समझी या न समझ पाई ये तो कहना मुसकिल है पर प्यार की कोई जवा नही होती । तभी रवि  ने आगे बढ़ कर निया का हाथ धीरे से पकड़ लिया । अब दोनों के हाथ एक दूसरे के हाथो में थे । पर शर्म के मारे वो एक दूसरे को देख नही पा रहे थे । रास्ता कब मंजिल बन गया दोनों को पता भी नही चला । सामने एक गाँव था पर रवि  के चहरे पर उतनी खुशि नही थी । रवि ने निया से इशारो में पूछा की तुम यहां रहती हो ,निया ने अपना सर हिला दिया । तभी रवि ने कुछ लोगो को अपनी ओर आते देखा , रवि ने जोर से आवाज लगाई । और पीछे मुड़ कर कहा निया वो  लोग  आ रहे है पर न निया वहां नही थी । रवि के पैरो तले जमीन खिसक गई । आखिर निया चली कहा गई ।
राज

गाँव वाले मेरी ओर अब तक आ चके थे । उन्होंने सबसे पहले कहा बेटा तुम ठीक तो हो ।  रवि ने कहा आपको  हिंदी आती है और गाँव वाले ने अपना सर हिला दिया । उन्होंने रवि से पूछा तुम जिन्दा कैसे बच गए । रवि कुछ समझ नही पाया । और फिर गाँव वालो ने उसे कुछ ऐसी बात बताई की वो एक पेड़ से जा लगा और उसके निचे बैठ गया ।
साहब जी इस जंगल से कोई भी आज तक जिन्दा नही लौटा , न जाने कब से  वहाँ लोग गायब हो रहे है । वो जंगल एक चुड़ैल का घर है जो लोगो को फाश कर गहरे जंगल में ले जाती है और मार कर खून चूस लेती है । 
रवि को अब कुछ समझ नही आ रहा था उसने गाँव वालो से  निया नाम की लड़की के बारे में भी पूछा पर उस नाम की लड़की  उस गाँव में तो क्या दूसरे गाँवो में भी नही थी ।
एक गहरी उदासी के साथ रवि गाँव वालो के साथ चला गया । उन्होंने रवि को उसकी  गाडी के पास छोड़ दिया । तभी रवि ने उस आम के पेड़ को देखा और एक आश में वो फिर उस पेड़ के पास गया पर इस बार पहले जैसा कुछ नही हुआ । आम का पेड़ उसके सामने था और जब रवि ने मुड़ कर देखा तो उसकी गाडी पीछे ही खड़ी थी । तभी उसकी नजर पेड़ के निचे पड़ी वहां आम से भरा एक टोकरा था ।रवि की आखो से न जाने क्यों आंसू छलक उठे । उसने आखरी बार उस जगह को देखा और चला गया ।

Saturday, 20 June 2015

Science student ghost inside

In delhi  a science student looking for a pg . When she came to see the  flat of the landlord said you go upstairs . When that girl was up to him, he found an old woman felt that she has to show her flat. And she went with her in a dark room.
They did not know what happened inside when the landlord came up girl found unconscious. After a few minutes when she wake up .. she looked like a different person. Her eyes totally changed And without talking to and listening to anything he went from there.
Around the house always Afwaan to see an old woman's voice is heard. How many people have claimed to see him.

Thursday, 18 June 2015

अकबर का भूत लाल किले में ।

दोस्तों delhi दिल वालो की है । और यहाँ एक से एक घटनाए तो होती ही रहती है ।ऐसी ही एक घटना नार्थ ईस्ट से आई एक लड़की के साथ भी हुई । जब वो पहली बार लाल किला देखने अपने दोस्तों के साथ गई।  किले को देख कर वो बहुत खुश हुई पर उसे क्या मालुम था की आगे उसके साथ क्या होने वाला था ।
   किले में घूमते घूमते वो अपने दोस्तों सेअलग हो गई । जब तक उसे उसका पता चला तब तक बहुत देर हो चुकी थी । वो खो चुकी थी । उसने अपने दोस्तों को फ़ोन करने की कोशिस की पर फोन काम नही कर रहा था ।  वो घबरा गई और गलती से किले के पुराने पुराने हिस्से में चली गई । वहाँ काफी अंधेरा था जिस कारण वो एक पुराने कुए में गिर गई ।
एक साया
कुँए में काफी अंधेरा था और गिरने के कारण उसे काफी चोट भी लगी हुई थी फिर भी उसने मदद के लिए अपने दोस्तों को फ़ोन करने की कोशिश की पर सब बेकार ।।  तभी उसे लगा जैसे कोई उसके पाँव को पकड़ने की कोशिश कर रहा है । उसने फ़ोन की लाइट on की । और निचे देखे ही उसके पाँव तले जमीन खिसक गई । उस कुए में सिर्फ नर कंकाल भरे पड़े थे और वो उन पर बैठी पड़ी थी । उसे मुँह से उल्टिया निकलने लगी ।
अब क्या होगा
बेचारी लड़की को कुए में गिरे 5 hours हो चले थे । न रौशनी न पानी ।  अब रात हो चली थी । लड़की को ऐसा लगा की कोई उसके कन्धों को छु रहा है । उसने फोन से उस ओर रौशनी की पर कोई नही था ।तभी किसी चीज ने आकर उसके कानो में एक फुक मारी । वो बुरी तरह डर गई । और इधर उधर देखने लगी । 
वो कौन था ।
तभी एक लम्बी सी चीज उस पर आ कर गिरी और वो चीखने लगी । पर वो और डर गई जब उसने कुए के ऊपर एक साया देखा । वो जोर जोर से रोने लगी । पर जब उसने ध्यान से देखा तो वो साया गायब हो चूका था पर एक रस्सी लटक रही थी । वो फौरन उस रस्सी पर चढ़ गई और कुए से बाहर निकल आई । उसकी हालत बहुत बुरी थी । वो जल्दी से बाहर निकली तो एक गाड़ ने उसे देख लिया और फिर उसने 101 पर cal कर एम्बुलेस को बुलाया । और लड़की को अस्पताल भेज दिया ।
बस एक बुरा सपना होगा
जब पुलिस उस लड़की से पूछताछ करने आई तो उसने सारी बात बता दी । जाहिर है पुलिस ने जाच की पर उन्हें वहा कोई कुआँ नही मिला । और न ही नर कंकाल । पुलिस और लड़की के दोस्ती को लगता है की वो सीढ़ियों से गिर गई और कोई बुरा सपना देखा लिया ।
पर सच क्या है कोई नही जान पाएगा । जिस साय ने उस लड़की की मदद की क्या वो अकबर का भुत था या कोई और ये तो बस एक राज है।
   आखरी ख़ुशी (एक साया)

Hunger ( भूखा )

कई हजारो साल पहले एक ऋषि हुआ करते थे हिजिन ।  उन्होंने तप के जरिये काफी सारी शक्तिया और ज्ञान अर्जित किया । और पंच तत्वों पर भी काबू क्र लिया । परन्तु वो अब भी अमरता के रहस्य को नही समझ पाए थे । एक दिन हिजिन को एक काली किताब मिली जिसका नाम होमेन था । किताब के मुताबिक़ पंच तत्वों पर महारत रखने वाले की बलि देने पर ही अमरता सम्भव थी । पर उसके अलावा संसार में कोई भी नही था जो पंच तत्वों पर काबू क्र सके ।और दिन प्रति दिन वो बूढ़ा होता गया। जिस कारण वो निराश हो गये और सोचने लगे की अगर वो मर गए तो उनका इतने सालो से अर्जित किया उनका ज्ञान बेकार हो जाएगा ।
अजनबी लड़का
   वो सोच ही रहे थे की एक यूवक वहा से गुजर रहा था । तभी हिजिन की नजर उस पर पड़ी और उन्हें उनके प्रशनो का उत्तर मिल गया ।  हिजिन ने उस यूवक को अपना शिष्य बना लिया और कई सालो के बाद ।
अब वो लड़का पूरी तरह हिजिन की सारी कलाए और ज्ञान सिख चूका था और हिजिन भी अब काफी बूढ़ा हो चला था । 
सच्चा प्यार
एक दिन शैतान की बेटी की नजर हिजिन के शिष्य पर पड़ी और उसे उस से प्रेम हो गया । हिजिन के शिष्य को अपना बनाने के लिए शैतान की बेटी निया ने अपना जाल बुनना शुरू कर दिया और उसने उसे अपने प्रेम जाल में फसा लिया ।  जब ये बात हिजिन को पता चला तो उसे लगा की अब उसका सारा ज्ञान सैतान के हाथ लग जाएगा ।
  हाइजीन ने अपने शिष्य को बहुत समझाने की कोशिस की पर सब बेकार ।। वो अब पूरी तरह से निया के कब्जे में जा चूका था। 
  कोई रास्ता न देख कर हिजिन ने एक योजना बनाई । उसने शैतान की बेटी को कैद कर लिया और उसे एक आदम खोर शेरनी में बदल दिया। और महीनो तक खाना नही दिया ।
वही दूसरी ओर हिजिन का शिष्ये अपनी प्रमिका के न मिलने के गम में खोया हुआ था।
इसका फायदा उठा कर हिजिन ने अपने शिष्य को धोखे से कैद कर लिया और आदमखोर  शेरनी के आगे डाल दिया ।  शेरनी ने उसे खा लिया ।
शिष्ये के मरते ही  हिजिन ने शैतान की बेटी को आजाद कर दिया । जब  निया ने देखा की उसके मुँह और शरीर पर उसके प्रमी का का खून लगा हुआ है तो पागल सी हो गयी और वो हिजिन को मारने की कोशिस करने लगी पर तभी उसके पिता ने आकर निया को रोक लिया और पाताल में कैद कर दिया ।

 होजीन और शैतान की चाल
निया को नही पता था की उसके पिता और हिजिन के बिच के समझोता हुआ था । शैतान नही चाहता था की उसकी बेटी एक इंसान से सादी करे ।
  शैतान ने मदद के रूप में हिजिन को अमृत दे दिया । और हिजिन फिर से जवान हो गया । 

Monday, 8 June 2015

delhi में किरायदार का खून पि लिया

एक वक्त था जब इंशान अपने आप की जगह दुसरो की परवाह करता था। पर इस कलयुग में जहाँ माँ और बाप के लिए कोई स्थान नही रहा वहा एक किरायदार की क्या हैसियत । वो तो बस एक बिखारि है जिसे कोई भी हाक देता है ।
Delhi सन् 2000
शहरों का विकास एक आम क्रिया है । जो निरन्तर चलती रहती है । और एक नई उमीद की तलाश में हर रोज़ एक बड़ी तादाद में लोग गाँव से शहर की ओर आते है। और ढुढते है एक आसियान ।
delhi जब विकाश की ओर कदम बढ़ा रही थी तो दूसरी ओर इसमें विष भी धुल रहा था । लोगो का लालच दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा था । और यहां  पहले से बसे लोग इस लालच की नीव रखने में एक मुख्य योगदान दे रहे थे ।
एक उमीद की तलाश में आए लोग जब इस दिल वालो के शहर में आए तो उनका स्वागत उन्होंने दिल खोल कर किया और फिर उनका खून भी उतनी ही तेजी से पीना शुरू कर दिया ।
एक किराये दार की जिंदगी का विवरण करना काफी कठिन है पर उस से भी जादा उसके दुखो का आकलन करना । सन् 2000 में एक किरायदार का कमरा किराया  महज  200 रु से 500 रु हुआ करता था ।
किराये में बढ़ोतरी
साउथ डेल्ही के मकानों का  किराया 2003 में 300  से 500 रूपये हुआ करता था और एक आम आदनी की तनख्वा महज 1000 से 3000 हुआ करती थी ...  तो गुजारा चल ही जाया करता था ।.. पर महगाई बढी और और मकान मालिको का अत्याचार भी .... सन 2008 तक आते आते मकानों का किराया 2000 से 4000 तक चला गया और
सन 2012 आते आते मकान मालिको की नाक और लम्बी होती चली गई ,,,,, में आप को बता दू की इन सालो में  एक आम आदमी की तनख्वा महज 4000 से 5000 तक ही सिमित रही ..अब आप अंदाजा लगा सकते है की  एक किरायदार होना कितना मुश्किल रहा होगा ।...और है ।
...... सन 2013 से 2014 तक आते आते मकान किराय 7000 से 11000  हो  गया । साथ ही साथ अब सभी मकान मालिक जबरन तरीके से 8 से 10  रूपये यूनिट बिजली बिल और 300 से 600 रूपये पानी का बिल भी लेने लगे है। .. और यह पूरी डेल्ही में हो रहा है साथ ही  साथ यह भ्रष्टाचार अब पुरे देश में पेर जम्मा चुका है । ...

    में आप को बता दु की आज भी हमारे आम आदमी की तनख्वा 6000 है जबकि वो जिस संस्थान में कार्यरत है। वहाँ पर वो कई सालो से काम कर रहा है पर आज भी तनख्वा उतनी की उतनी ही है।...  आज भी ओखला industries में असंख्य मजदूर मालिको की गुलामी करने को मजबूर है क्यु की  उनका हक जिन सरकारी संगठनो द्वारा दिलवाया जाना चहिए था। वो नही मिला। दूसरी तरफ मकान मालिको का किराया बढ़ाए जान आफत बनती जा रही है। ....अब उन्हे कोन समझाये की हमे भी महगाई मार रही है ।.उनसे भी कही जादा । ...
तो हम क्या करें ।
या तो आप मजदूरों की तनख्वा बढवाए । .. या फिर एक वाजिद  किराया policy लांच करे साथ ही किरायदारो के लिए सही बजली और पानी दर भी फिक्स करवाए। ...  जो की
पानी = 100 या 200 रूपये महिना
बिजली बिल = 3 या 4  रूपये यूनिट तक हो ।
जहा सरकारी रेट पर बिजली बिल और पानी बिल  की सहूलियत दी जाती है वहा transparency  लाइ जाए क्यों की वहा भी मकान मालिक  धांदली करने से बाज नही आते और खून चुस्ते  है ।  वो सही टाइम पर किराये डारो को बिल नही देते और बिजली bills में हेरा फेरी करते है । 
मनमाने तरीके से काम करना और जब मर्जी आए किराये दारो को परेसान करना एक आम बात  हो गई है  जब मर्जी आए किराया बढ़ा दिया और किराये की मांग न पूरी करने पर कमरा खाली करने की धमकी देना एक आम बात है।  और कब तक ये चलेगा । आखिर कब तक ।
  अब बस ,अगर हम लोग आवाज नही उठायेगे  तो ये सब यु ही चलता रहेगा  अब आप को ही कुछ करना होगा । आवाज उठाए ।।  आज ही  indotimes24 facebook page  पर आए और अपनी  कहानी  बताए  ।। आवाज उठाए इन लोगो के किलाफ ।
  अब और नही।
                                
                           



Sunday, 7 June 2015

400 साल पुराने श्राप का राज

मैसूर का वडियार राजवंश बीती चार सदियों से एक श्राप से जूझ रहा है, ऐसा मानने वालों के पास अपने कारण हो सकते हैं और न मानने वालों के पास अपने. खुद वडियार राजघराना मानता है कि एक श्राप 400 साल से उसका पीछा कर रहा है. उसके पास ऐसा मानने की वजहें हैं.
बीती 27 मई को यदुवीर कृष्णदत्त वडियार राजघराने के 27वें राजा बने. यदुवीर ने श्रीकांतदत्त नरसिंहराज वडियार की जगह ली. श्रीकांतदत्त के कोई संतान नहीं थी. दिसंबर 2013 में उनकी मौत के बाद से ही उत्तराधिकारी को लेकर बहस चल रही थी जो 23 साल के यदुवीर की ताजपोशी के साथ खत्म हुई. श्रीकांतदत्त की पत्नी प्रमोदा देवी वडियार ने हाल ही में यदुवीर को गोद लिया था.
कहते हैं कि आभूषण जबरन लेने के लिए राजा ने अपने सैनिक भेजे तो अमामेलम्मा ने कावेरी में छलांग लगा दी. इससे पहले उसने श्राप दिया कि मैसूर राजवंश संतानविहीन हो जाए.
यह पहली बार नहीं हुआ था कि वडियार राजपरिवार ने कोई उत्तराधिकारी गोद लिया हो. दरअसल बीती चार सदियों के दौरान मैसूर के इस राजघराने को उत्तराधिकारी अक्सर गोद लेना पड़ा है. यही वजह है कि कई लोग वडियार राजवंश पर लगे एक श्राप पर यकीन करते हैं.
श्राप की कहानी ।
कहते हैं कि 1612 में मैसूर के राजा वडियार ने पड़ोसी राज्य श्रीरंगपट्टनम पर हमला किया और वहां के शासक तिरुमालाराजा को हरा दिया. पराजित राजा अपनी पत्नी अलामेलम्मा के साथ तलक्कड़ नामक जगह पर जाकर रहने लगा. कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो गई. अलामेलम्मा ने अपने आभूषणों का खजाना श्रीरंगपट्टनम राजपरिवार की कुलदेवी श्रीरंगनायकी को दान कर दिया. एक विशेष दिन श्रीरंगनायकी का श्रंगार होता और फिर ये आभूषण अलामेलम्मा के संरक्षण में आ जाते. मंदिर प्रशासन ने राजा से गुहार लगाई कि ये आभूषण उसके पास होने चाहिए. अलामेलम्मा इसके लिए तैयार नहीं थी. राजा ने अपने सैनिक भेजे. अमामेलम्मा ने कावेरी में छलांग लगा दी. लेकिन इससे पहले उसने श्राप दिया कि मैसूर राजवंश संतानविहीन हो जाए.
कहते हैं कि राजा को जब इसकी खबर मिली तो वह बड़ा चिंतित हुआ. फिर किसी ने उसे सलाह दी कि श्राप से मुक्ति पाने के लिए वह अलामेलम्मा की मूर्ति राजमहल में प्रतिष्ठित करवाए.
सोर्सेस्। .. satyagrah




Ravi Chaudhary 












Friday, 5 June 2015

स्कूल की लड़की ।

मुझे आज भी याद है वो दिन जब में स्कूल के लिए जल्दी निकला था। कोई सुबह के 6 बज रहे होंगे ।
स्कूल में जाते ही एक अजीब सी खामोसी ने मेरे हाथ पाओ को ठंडा कर दिया । पर फिर भी में  आगे बढ़ता रहा । वहा कोई नही था सिर्फ में और मेरा साया । तभी कोई सफेद सूट में मुझे नजर आया । मै हैरान था लड़को के स्कूल में लड़की ,ऐसा कैसे हो सकता है।  और राज को जानने के लिए में उस सफेद साय की ओर लपका।  जब भी में उसके करीब होता वो फिर से कहि गायब हो जाती । पर मेने हार नही मानी और आखिर कार मेने उसे ढूंढ ही लिया । वो  स्कूल के 2nd floor पर थी । मै उसकी चुनी देख सकता था ।
में सीडियो से तूफ़ान की तरह ऊपर गया और फिर आखिर कार वो मुझे मिल ही गयी ।  वो class में आखरी  bench पर सर झुका कर बैठी थी । पहले तो मुझे काफी डर लगा पर सच जानने के लिए में कुछ भी करने को तैयार था।
मेरा पहला सवाल था की तुम कोण हो । पर कोई जबाब नही आया ।मैने फिर पूछा पर फिर कोई जवाब नही । अब तो मुझे पक्का लग रहा था की वो भूतनी है पर में डरा नही और उसके पास बैठ गया । वो मुझसे बस 5 इंच दूर थी । तभी उसका हाथ मेरे हाथ पर आ गया । आप विसवास नही करेगे उसके हाथ एक दम ठंडे थे और वो मुझे छू रहे थे । मै डरा हुआ था और मुझे कुछ नही सुझा और गलती से मेने भी उसका हाथ पकड़ लिया ।  कुछ ही देर में उसकी गर्दन मेरे कन्धे पर थी और तभी स्कूल की bell बजी ।
मेरे पास कोई नही था  ।  वो गायब हो  चुकी थी ।  और तभी  मेरे दोस्त classes में आना सुरु हो गए । 
में हैरान था । उस class में कोई लड़की नही थी ।
ऐ बात मेने किसी को नही बताई ।
और अगले दिन में फिर जल्दी आया पर मुझे कोई नही मिला । शायद वो जा चुकी थी ।