Monday, 30 May 2016

कब्रिस्तान में love letter ।

आप विश्वास करे या न करे पर जब प्यार होता है तो भुत क्या आदमी कुते से भी शादी कर लेता है ।

मै रवि बच्पन से ही अपनी पड़ोस की लड़की प्रिया से बहुत प्यार करता था पर कभी उसे इस बारे में कुछ कह नही पाया और देखते देखते आज वो 16 साल की हो गई ।
मै अक्सर स्कूल जाते वक्त उसे देखा करता था । उसके गुलाबी गाल ,मोरनी सी गर्दन , सुनहरे बादलो जैसे बाल , उसके होठ , वो पुरे गांव में सबसे सुंदर थी और भोली भी । जब वो अपनी सहेलियों के साथ नदी किनारे खेलती और हस्ती थी तो मै उसे रोज़ छुप कर देखता था । मै उसे बेइंतहा प्यार करता था पर उसे कभी बोल नही पाया ।
पर हर प्रेम कहानी की तरह मुझे ये नही पता था की मेरी इन खुशियो को जल्द ही नजर लग जायेगी । कहने को तो मै उन्हें दोस्त कहता था पर पूरा गांव जानता था की जतिन और उसके दोस्त कितने कमीने लड़के है ,आय दिन लड़कियो को छेड़ना और लोगो को परेशान करना उनकी फिदरत थी ।। एक दिन मै नदी किनारे बैठा था तभी पीछे से जतिन और उस की टोली ने मुझे पकड़ लिया । जतिन बोला क्या बे रवि क्या कर रहा है यहां पर । मैने कहा कुछ नही जतिन । तभी जतिन ने कहा की आज मैने प्रिया को देखा , बहुत मस्त लग रही थी ।
ये सुनते ही मेरे शरीर में आग सी लग गई । फिर जतिन बोला यार मुझे प्रिया चाहिए । बाकी लड़के भी यही कहने लगे । ये सब सुन कर मेरा मगज गर्म हो रहा था । तभी जतिन बोला रवि तू क्या सोचता है । मैने लड़खड़ाते हुए जबान से कहा हो सकता है प्रिया किसी और से प्यार करती हो। जतिन बोला मैने सब पता कर लिया है कोई भी लड़का उसकी life में नही है । यही सही मौका है कल मै प्रिया को अपना बना कर रहूँगा । फिर जतिन जोर से बोला सुन लो सभी आज से वो मेरी girlfriend है ।
ये सुनते ही मेरे दिल टूट सा गया पर मैने हार नही मानी और मै बोल उठा । जतिन ये गलत बात है । जब तक प्रिया अपनी मर्जि न दे तू उसे अपनी कैसे कह सकता है पहले प्रिया हा तो कर दे तुझे । मेरी बात सुनते ही सभी लड़के भी यही कहने लगे जिसे सुन कर जतिन बोला ठीक है । इसका फैसला हम कल करेगे ।
मै काफी डरा हुआ था की कल क्या होगा और इसी कारण रात भर सो नही पाया । अगली सुबह मै स्कूल के लिए तैयार हो गया । मैने मन ही मन फैसला कर लिया की आज प्रिया को अपने दिल की बात बोल कर ही रहुगा ।

जब स्कूल की छुटी हुई तो जतिन और उसका दल प्रिया और उसकी सहेलियों के पीछे हो लिया । मै भी जतिन के पीछे चलने लगा । काफी देर चलने के बाद जब काली कब्रिस्तान आया तो जतिन अचानक से प्रिया के सामने आकर उसे रोकने लगा , मै ये सब देख रहा था । प्रिया ने जतिन को रोकने का कारण बताया । तो जतिन ने उससे सारा हाल कह डाला । तब तक मै भी वहाँ आ पहुँचा , मै प्रिया और जतिन को देख रहा था, प्रिया भी मुझे देखने लगी ।
तभी प्रिया ने कहा की मुझे मंजूर है । ये सुनते ही मेरे पैरो तले जमीन खिसक गई । मेरा सब कुछ लूट गया । क्या मेरे बच्चन का प्यार लूट जाएगा ?
तभी प्रिया बोली की मेरी एक शर्त है और अगर तुम वो पूरी कर सके तो मै तुम्हारी ।
जतिन बोला मै कुछ भी कर सकता हूँ ।
तब प्रिया बोली की तुम्हे कुछ लाना होगा ।
जतिन ने कहा क्या लाना है ।
प्रिया बोली सामने काली कब्रिस्तान है , ठीक रात बारह बजे तुम्हे वहां से एक letter लाना है । और अगर वो letter तुम ले आए तो मै तुम्हारी ।
मै और जतिन दोनों ने ये बात सुनी , फिर ये सुनते ही जतिन का चहरा सफेद पड़ गया । कुछ देर की ख़ामोशी के बाद जतिन बोला मै करूँगा ।
प्रिया बोली ठीक है फिर मिलते है letter के साथ , प्रिया ने मुझे देखा और हँसते हुए बोली तुम भी जा सकते हो रवि ।। जतिन बोला ये क्या लाएगा प्रिया देखना मै ही वो letter लाऊगा तुम्हारे लिए ।
मुझे नही पता था की वो मुझे भी ऐसा कहेगी अब तो मे भी रेस में था । जल्द ही सब अपने अपने घर चले गए ।
रात आ चुकी थी और मेरा दिल भी घबरा रहा था । मैने थोड़ी हीम्मत की और काली कब्रिस्तान की ओर चल दिया , जब मै वहाँ पहुँचा तो सभी लोग वहाँ पहले से ही मौजूद थे । प्रिया उसकी सहेलिया और जतिन और उसके दोस्त ।
जतिन बोला , तो तू आ गया रवि ।
तभी प्रिया बोली चलो अब मै तुम्हे बताती हूँ की क्या करना है । जब तुम ऊपर की ओर जाओगे तो तुम्हे एक मूर्ति मिलेगी वहाँ से तुम मोमबत्ती और माचिस ले सकते हो उसके बाद तुम जब थोड़ी दूर और चलोगे तो तुम्हे एक कब्र मिलेगी उसी के ऊपर एक letter मिलेगा ।
जो भी उस letter को लाएगा वही मेरा दोस्त बनेगा । ये सुनते ही बाकी सभी लड़के भाग खड़े हुए , सिर्फ मै और जतिन बचे । इसलिए अब हम दोनों के बिच ही मुकाबला रह गया था ।
कुछ ही देर में मुकाबला शुरू हो गया और जतिन तेजी से भागने लगा । रात का वक्त था और चारो ओर अँधेरा सिर्फ चाँद की रोशनी के कारण कुछ 2 नजर आ रहा था । मै भी जोश में था और जतिन को टक्कर दे रहा था ।
तभी एक साँप निकल कर मेरे आगे आ गया और इसका फायदा उठा कर जतिन आगे निकल गया और मूर्ति तक पहुँच कर मोमबत्ती उठा ली । जैसे तैसे मै साँप से बचा और जब मै मूर्ति तक पहुचा देखा वहाँ कोई और मोमबत्ती नही थी । अब मेरे पास कोई और चारा नही था करो और मरो की बेला आ चुकी थी इसलिए मै अँधेरे में ही उस कब्र की ओर निकल पड़ा , मुझे अपने प्यार पर भरोशा था तभी मैने जतिन की चीख सुनी , वो चिल्ला रहा था भागो चुड़ैल -2 ये सुनते ही मेरे हाथ पाव फूल गए । मैने देखा जतिन तेजी से मेरी ओर भागते हुए आ रहा था और अचानक मेरी ओर रुकते हुए बोला रवि भाग यहाँ चुड़ैल है । और वो निचे की ओर भाग गया ।

मै काफी डर चूका था पर मै ऐसे कैसे भाग जाता । मुझे हर बार प्रिया का ख्याल आ रहा था मै किसी भी कीमत पर उसे अपना प्यार साबित करना चाहता था । इसलिए मै कब्र की तरफ बढ़ने लगा । काफी देर चलने के बाद मुझे वो कब्र नजर आई पर मेरे चेहरा पिला पड़ गया जब मैने उस पर एक लड़की को बेठा देखा उसके बाल काफी लम्बे थे और वो गर्दन झुका कर वहाँ बैठी हुई थी ।
मेरे पाओ काम करना बन्द कर चुके थे । मै काफी देर तक वही खड़ा रहा । मुझे बार बार प्रिया का चेहरा याद आ रहा था । मैने थोड़ी हिम्मत इक्कठी की और कब्र के पास जाकर उस चुड़ैल को दबती आवाज में बोला । जी क्या आप ने यहाँ कोई letter देखा है । चुड़ैल कुछ नही बोली । मैने अपनी बात फिर दोहराई पर इस बार उसने पास आने का इसारा किया । मै डरते डरते उसके पास पहुँचा । तभी मैने कहा देखो मुझे मत खाना , दरसल मै एक लड़की को बच्च्पन से बहुत प्यार करता हूँ उसका नाम प्रिया है । और उसी के लिए मै यहाँ तक आया हूँ ।
तभी चुड़ैल ने कहा तो अब तक मुझे बताया क्यों नही । मै पूरी तरह हैरान हो गया वो तो प्रिया की आवाज थी तभी चुड़ैल ने अपने बालो को ऊपर किया । और मेरा दिल रुक सा गया वो प्रिया ही थी जो चुड़ैल बनी हुई थी । मै पूरी तरह हैरान था की अब क्या करुँ ।
मै बस प्रिया को देख रहा था और प्रिया मुझे ।
तभी हम दोनों को कोई आवाज सुनाई दी । एक बड़ा काला साया हमारी ओर आ रहा था ये देख प्रिया ने मेरे हाथो को पकड़ लिया । और मैने भी प्रिया को पकड़ लिया । देखते ही देखते वो काला साया करीब आने लगा । और अचानक एक तेज रौशनी हमारे चेहरे पर पड़ी और वो साया बोला कौन है वहाँ पर । वो कोई और नही कब्रिस्तान का चौकीदार था । उसे देखते ही मै और प्रिया तेजी से भाग खड़े हुए ।
हम काफी देर तक भागते रहे और फिर घर आ कर ही रुके ,वो बिना कुछ बोले अपने घर चली गई और मै भी अपने घर आ गया । मै सारी रात नही सोया ।
अगली सुबह मै स्कूल के लिए तैयार हो गया । जब मै स्कूल पहुँचा तो वो पहले से ही वहाँ थी पर वो कुछ नही बोली ।
जल्द ही स्कूल की छुटी हो गई मैने उसे हर जगह ढूंढा पर वो नही मिली । मै निराश हो कर घर की ओर जा ही रहा था की मुझे एक आवाज सुनाई दी वो प्रिया ही थी ।
मुझे भरोशा नही हुआ । वो मेरे पास आई और कहा रवि कहा जा रहे हो मैने कहा घर ।
प्रिया बोली मै भी चलती हूँ ।
तभी मैने कहा प्रिया मुझे तुम्हे कुछ कहना है तभी प्रिया ने मेरे होठो पर अपने हाथो को रखते हुए कहा मुझे पता है तुम्हे क्या कहना है ।
मुझे पता चल गया था की वो भी मुझे बहुत प्यार करती है कभी कभी जुबा का काम सिर्फ आँखे ही कर देती है ।
उसका हाथ मेरे हाथो में था और हम अपने घर जा रहे थे ।
The End ..
अगली बार पढ़ना न भूलियेगा एक और मेरे और प्रिया की कहानी ।अगर story अच्छी लगी तो page like करे । story शेयर करे

काला जादू काम कैसे करता है ।

दोस्तों आज मै आपको काले जादू का एक सच बताने जा रहा हूँ और यह कैसे काम करता है ।
कुछ शैतानी आत्माए जो बहुत ही तागतवर होती है और जिनसे बचना लगभग नामुमकिन है वो ऐसे लोगो को अपना शिकार बनाती है जो काला जादू करना जानते है । जिन्होंने काला जादू सीखा हो और कई सालो से उनका इस्तेमाल कर रहा हो । ऐसे तांत्रिक अपनी शक्तियो को बढ़ाने के लिए शैतानी आत्माओ को अपने वष में करते है ताकि बाद में उनका प्रयोग लोगो को नुकशान करने के लिए इस्तेमाल कर सके । जैसी की जान से मारना या सताना व बीमार कर के मारना ।
दरसल ये तांत्रिक ये नही जानते की जिन आत्माओ को वो अपने काबू में करके लोगो को नुकशान पहुचा रहे है दरसल वो खुद ही गुलाम बनना चाहती थी ।
आप सोच रहे है ऐसा क्यों ।
दरसल इन आत्माओ को एक अच्छा मौका मिल जाता है अपनी ताकत बढ़ाने का । ये आत्माए सिर्फ उन लोगो को ही नही परेशान करती जिनपे काला जादू किया गया है बल्कि काला जादू करने वाले को भी नुकशान पहुचाती है ।
काला जादू में इस्तेमाल की जाने वाली बुरी आत्माओ उन दोनों लोगो का इस्तेमाल करती है जो काला जादू करते है और जिनपे किया गया है ।
अगर किसी को मारने के लिए बुरी आत्मा का इस्तेमाल किया जाता है तो बदले में ये आत्मा कुछ न कुछ जरूर ले लेती है । इस काली दुनिया में भी बिना लेंन देन के कुछ नही होता ।
ये बुरी आत्माए ही सब कुछ करती है । एक तरह से वो कॉन्ट्रेक्ट किलर की तरह होती है बस यहाँ पैसे की जगह वो आत्माए उन लोगो की आत्माओ को निगल जाती है जिनपे काला जादू किया गया है ।
साथ ही जादू करने वाले को भी कुछ देना पड़ता है ।
मै रवि और जरूरी बाते लाता रहुगा तब तक के लिए like और share करे ।

इन स्थानों पर जूते-चप्पल उतार कर जाने से मिलते हैं जादूई लाभ, आजमा कर देखें

इन स्थानों पर जूते-चप्पल उतार कर जाने से मिलते हैं जादूई लाभ, आजमा कर देखें

पुरातन समय में कुछ ऐसे स्थान होते थे जहां प्रवेश करने से पूर्व जूते-चप्पल बाहर उतार दिए जाते थे लेकिन जैसे-जैसे लोगों पर पाश्चत्य संस्कृति का दबदबा बन रहा है वैसे-वैसे वह अपने ऋषि-मुनियों और विद्वानों द्वारा दिए गए संस्कारों और मान्यताओं को भूलते जा रहे हैं। जिससे की अनचाही मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

ध्यान रखें इन स्थानों पर जाते समय जूते-चप्पल नहीं पहननें चाहिए-

* तिजोरी अथवा अपने धन रखने के स्थान पर जूते उतार कर जाना चाहिए क्योंकि धन को देवी लक्ष्मी के समान माना जाता है और उनके पास जूते पहनकर जाने का अर्थ है उनका अनादर करना। जहां लक्ष्मी का अनादर होगा वो उस स्थान को त्याग देती हैं।

* पवित्र नदी को देवी स्वरूप माना गया है। उसमें जूते-चप्पल अथवा चमड़े से बनी चीजें पहनकर जाने से पाप लगता है।

* रसोई में नंगे पैर ही प्रवेश करें। स्मरण रहे रसोई व्यवस्थित, शुद्ध और साफ-सुथरी होनी चाहिए। ऐसी रसोई में देवी-देवता अपना स्थाई वास बना लेते हैं जिससे घर में कभी भी धन और सुख-समृद्धि की कमी नहीं रहती।

* भंडार घर में देवी अन्नपूर्णा का वास माना जाता है। उसका रख-रखाव भी रसोई की भांति ही करना चाहिए अन्यथा घर में कभी अन्न की बरकत नहीं होती।

* श्मशान में जब किसी को अंतिम विदाई देनी हो तो वहां भी जूते पहन कर नहीं जाना चाहिए।

* अस्पताल में किसी संबधी का हाल पूछने जाएं तो उसके कमरे में भी जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए।

* घर में देवी-देवताओं का स्थान होता है। वहां दैवीय शक्तियां निवास करती हैं। ऐसे में

जूते-चप्पल पहनकर घर में घुमते हैं तो उनका अपमान होता है।

Friday, 26 June 2015

इंसान क्यों करता है मछलियो से बलात्कार ।

हजारो सालो से धरती पर इंसान अपने से कमजोर जीवो पर अत्याचार करता आ रहा है । यहांतक की वह अपने ही जोड़ीदार मनुष्य को  गुलाम बनाने से बाज नही आया और मनुष्य वर्ग ने ही मनुष्य वर्ग का मानसिक और शाररिक शोषण किया और अब भी कर रहा है । परन्तु बेज़वा जानवर जो कुछ बोल नही सकते उनका तो मनुष्य ने  जीना ही हराम कर दिया है । गाय , बकरी मुर्गी  ' लाल मास ' और मछलिया ।
अगर मछलियो का जिक्र करे तो वो मनुष्य जाती से भी पुरानी है पर उनका शोसन भी उतना ही पुराना है ।
खाया और कैद भी किया ।
हजारो सालो से मनुष्य मछलियो को अपना ग्रास बना रहे है पर अब तो उन्होंने उसे कैद कर रखना भी शुरू कर  दिया है।
झूठी अफवाएं
सभी को एक्‍वेरियम बहुत पसंद है लोग अपने घरो में एक से बढकर एक एक्‍वेरियम रखते है। लोग अपने ड्राईंगरूम या बेडरूम कहीं पर भी इन अठखेलियां करती हुयी मछलियों को रखना पसंद करते है। मछलियों का यह छोटा सा आशियाना आपके आशियाने में चार चांद लगा देता है। वैसे तो एक्‍वेरियम को बहुत से लोग केवल सजावट का साधन मात्र मानते है लेकिन लोगो का मानना है कि यह केवल सजावट के लिए नहीं ब्‍लकी आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाने में भी सहयोग करता है।
न जाने कब से लोगो के बिच ये झूठी भांतिया फैली पड़ी है। मछलियो के बारे में प्राचीन काल से ही विदीत है क‍ि यह लक्ष्‍मी लाती है और इन्‍हे पालने वालों को धन की प्राप्‍ती होती है।  परन्तु ये सच नही है ।
सच क्या है ।
इन रंग बिरंगी मछलियो को हजारो सालो से पालने का चलन है जिसने बाद में एक व्यापार का रूप ले लिया । पहले इन मछलियो को केवल राजा महराज या  सम्राट पालते थे । बाद में मछली पालको और मछली व्यापारियो ने इसे एक झूठी कथा से जोड़ दिया जिसमे घरो में मछलिया पालने से आप भी राजा की तरह आमिर और भाग्य शाली बन जाएगे । तब से लोगो ने इस नीच प्रथा को पूरी तरह से अपना लिया ।
  आज 2015 जहा लोग चाँद पर घर बनाने के बारे में सोच रहे है वहाँ इस तरह के अंधविस्वास को जगह देना कहा की समझ दारी है। पर शर्म तब आती है जब पढ़े लिखे लोग जो एक मुकाम पर है वो इस तरह की नीच हरकत करते है ।
मान्यताओ के अनुसार एक्‍वेरियम परिवार के उपर आने वाले किसी विपत्‍ती से आपको बचाता है, ऐसी स्थिती में कभी कभी एक्‍वेरियम में रखी कीसी मछली की अकस्‍मात मौत हो जाती है।
- एक्‍वेरियम कार्य करने के जगह पर रखने से आप में सदैव नयी उर्जा भरता रहता है।
- मानसिक संतुष्‍टी, और दिमाग में नये और अच्‍छे विचार लाता है।
मै उन लोगों से पूछना चाहता हु की क्या उन जगहों पर काम नही होता जहा एक्‍वेरियम  न लगा हो ।
क्या ये सही है की किसी बेकसूर जिव को अपनी ख़ुशी के लिए कैद कर दिया जाए ।  अगर आप उस मछलि की जगह होते तो क्या आप भी उससे खुश होते जो आपको कैद कर के रखता ।
भूखे लोग
एक तरफ तो करोड़ो टन मछलिया लोग हजम कर जाते है और दूसरी तरफ  खुद की ख़ुशी और मुशिबतो से बचने के लिए  मछलियो को घरो में कैद भी करते है ।  लोगो ने मछलियो की बोली लगाई  'उसे नोचा ' खाया ' और कैद भी कर के रखा ।  
  सच कहे तो उसके साथ बलात्कार किया ।

Thursday, 25 June 2015

क्या (इमली) के वृक्ष मे भूत रहते है?

आम तौर पर यह माना जाता है कि इमली के पेड मे भूत होते है और विशेषकर रात के समय इसके पास नही जाना चाहिये। पर इस बात में कितनी सच्चाई है। और कौन से भूत उसके अंदर रहते है।

सच क्या है  
प्राचीन ग्रंथो मे एक कथा का जिक्र है। दक्षिण के एक वैद्य अपने शिष्य को बनारस भेजते है। वे बनारस के वैद्य की परीक्षा लेना चाहते है।  पहले के लोग पैदल यात्रा करते थे और महिनो लम्बी यात्रा होती थी। दक्षिण के वैद्य ने शिष्य से कहा कि दिन मे जो खाना या करना है, करना पर रात को इमली के पेड के नीचे सोते हुये जाना। हर रात इमली के नीचे सोना- वह तैयार हो गया। कई महिनो बाद जब वह बनारस पहुँचा तो उसके सारे शरीर मे नाना प्रकार के रोग हो गये। चेहरे की काँति चली गयी और वह बीमार हो गया। बनारस के वैद्य समझ गये कि उनकी परीक्षा ली जा रही है। उन्होने उसे जब वापस दक्षिण भेजा तो कहा कि दिन मे जो खाना या करना है, करना पर हर रात नीम के पेड के नीचे सोना। और जैसा आप सोच रहे है वैसा ही हुआ। दक्षिण पहुँचते तक शिष्य फिर से ठीक हो गया।

आप प्राचीन और आधुनिक चिकित्सा साहित्य पढेंगे तो आपको इमली की छाँव के दोषो के बारे मे जानकारी मिलेगी। आयुर्वेद मे तो यह कहा गया है कि इसकी छाँव शरीर मे जकडन पैदा करती है और उसे सुस्त कर देती है। प्रसूता को तो इससे दूर ही रहना चाहिये। यह भी लिखा है कि उष्णकाल मे इसके हानिकारक प्रभाव कुछ कम हो जाते है।  भरतीय प्राचीन किताबो में इन सब बातो का जिक्र मिलता है ।
इमली ही नही बल्कि बहुत से वृक्षो की छाँव को हानिकारक माना जाता है। छत्तीसगढ की ही बात करे। यहाँ पडरी नामक वृक्ष मिलता है जिसकी छाँव के विषय मे कहा जाता है कि यह जोडो मे दर्द पैदा कर देता है।
तो भूत है या नही

भूत का अस्तित्व है या नही इस पर कुछ भी कहना मुश्किल है । भूत शब्द सुनते ही हम डर जाते है और उन स्थानो से परहेज करते है जहाँ इनकी उपस्थिति बतायी जाती है। यदि इमली मे भूत के विश्वास को यदि इस दृष्टिकोण से देखे कि हमारे जानकार पूर्वजो ने इमली के दोषो की बात को जानते हुये उससे भूत को जोड दिया हो ताकि आम जन उससे दूर रहे तो ऐसे विश्वास से भला समाज को क्या नुकसान?
अब आप के ऊपर है की भुत है या नही ।

Tuesday, 23 June 2015

आखरी ख़ुशी (एक साया)

कहते है की पहली नजर ही काफी होती है दिलो के मिलने के लिए ,पर कभी हिरणी भी शेर की हुई है।
  लिफ्ट काफी छोटी थी पर उससे जादा मेरा दिल घबराय हुआ था ।  मेरे पास एक चाभी थी जो मुझे लौटानी थी पर न उस चाभी से मेरा रिश्ता था न ही उस घर से जहां में जा रहा था।  फिर भी कुछ ऐसा था जो मुझे उस ओर खीच रहा था ।
आखिर कार लिफ्ट 3rd फ्लोर पर आ कर रुक गई । और मेरे दिलो की धड़कन तेज हो गई । दरवाजा सामने था । और मेरे कदम थे की उठने का नाम नही ले रहे थे  । मुझे डर लग रहा था की पता नही कोण होगा उस पार , उस दरवाजे के पीछे ।
मैने हिम्मत कर के आखिर कार घर की रिंग बजा दी । कुछ देर लगी पर आखिर कार दरबाजा खुल ही गया ।
एक ठण्डी हवा का झोके ने मेरी आँखे बन्द सी कर दी पर जब वो खुली तो लगा जैसे मै कोई सपना देख रहा हु । उसने अपनी आखो में काजल लगा रखा था ,रेशमी बालो को ऊपर कर उसने मेरा ध्यान खीचा। और उसके कपड़ो से आ रही उसकी खुसबू ने एक अजीब सा रूहानी  माहौल बना दिया ।
जाली दार दरवाजे के पीछे से उसका छुपा हुआ चहेरा दिल की खिचड़ी बना रहा था। और फिर वो हुआ जो मै सुनना चाहता था ,उसकी मीठी सी आवाज । उसने मुझसे पूछा आप कौन ।। पहले तो मेरी घिगी सी बन गई पर जल्द ही मुझे एहसास हुआ की वो मुझे ही देख रही है । मै काफी डर गया था और तेजी से चाभी का गुच्छा उसके हाथो में रख कर मै  भाग निकला । पता नही क्यों पर मै उसका सामना नही कर पाया ।
उसकी नजर मेरे आखो से हट ही नही रही थी । रात को भी बस वो ही वो नजर आ रही थी ।  जब सुबह दिल नही माना तो ,मैने एक ख़ास फैसला लिया की मै कल फिर उस मकान पर जाउगा ।
मिलने की आश
जब आपके पास कोई कारण न हो तो किसी के घर जाना भी किसी जंग से कम नही ,ख़ास कर जब आप किसी लड़की के चक्कर में जा रहे हो ।  पर जैसे मेरे पैरो में तो पंख लग गए हो और अब रुकना मुश्किल था । घर की रिंग बजाते थोड़ी शर्म आई पर काम बन ही गया । वो दरवाजे पर थी और मुझे ऐसे देख रही थी जैसे मै कोई भूत हु।  मै कुछ कहता उससे पहले वो बोल बड़ी, तुम  कल आए थे न । मैने अपना सर हां में भर दिया ।  तो अब क्या चाहिए ।  उसके सामने मेरे तो होठ ही जाम हो रहे थे ।  क्या चाहिए बोलो गे भी ।
मेने  कहा कुछ भी नही और मै जाने लगा । मै लिफ्ट के पास गया ही था की पीछे से एक आवाज आई , सुनो एक काम है तुम मदद कर सकते हो । ये सुन कर जैसे डूबते को तिनके का सहारा मिल गया हो । और मेने अपना सर हाँ में हिला दिया ।
कुछ पल
काम कुछ खाश नही था ,बस कुछ किताबे इधर से उधर करनी थी  सो मैने कर दी ।  मेरा ध्यान काम में कम और उसे देखने में जादा  था । जब तक काम खत्म हुआ तब तक वो कॉफी बना कर ले आई । बालकनी की ठंडी हवा में उसके लट कभी उसकी आखो पर तो कभी उसके होठो को छु रहे थे । ये सब देख कर ही मेरा पेट भर गया । काफी देर तक तो खामोशी  छाई रही । फिर मै ही बोल बैठा , आप यहां कब से है । mom dad , etc.......
उसने कहा : काफी साल गुजर गए यहां रहते हुए अब तो दिन भी याद नही ,मुझे याद है जब माँ मुझे इस घर में ले कर आई थी  हम बहुत खुश थे पर माँ अब नही रही । पाप भी चले गए । अब बस में रह गई हु।
ये सब सुनने के बाद काफी देर तक कमरे में खामोशी छाई रही । मै तो बस उसकी  आखो को ही देख रहा था।  इतनी छोटी सी उम्र में वो कितनी अकेली और तन्हा थी ।  हम एक दूसरे को जानने की कोशिश करने लगे हर एक पल वो अपनी जिंदगी की किताब के पन्ने खोलती रही और मै सुनता रहा और कब कप से कॉफी कब  खत्म  हुई पता भी नही चला । कई हफ्ते निकल गए। लगता था जैसे मुझे उससे प्यार हो रहा था पर  उसके दिल में क्या था मै नही जानता था। वो तो एक राज़ था।
क्या सब झूठ था
अगले दिन मै सुबह -2 तैयार होकर निकल पड़ा। आज तो मै अपने दिल की बात कर के रहुगा । सामने मंजिल थी और मै जोश में था । और जल्दबाजी में मैने 3 की जगह 4 नंबर दबा दिया ,लिफ्ट 4th फ्लोर पर रुक गई  और मैने बिना देखे  4th फ्लोर का bell ring बजा दिया । मेरे फेस पर एक चमक थी वो उस वक्त निकल गई जब एक बूढ़े नकल ने दरवाजा खोला । बेटा क्या चाहिए , मैने कहा सर आप कौन है । उन अंकल से बात करने पर पता चला की मे गलती से 4th फ्लोर पर आ गया हूँ। पर वो जादा हैरान तब नजर आए जब मैने कहा की मुझे 3rd फ्लोर पर जाना है । मुझे उनकी आखो में एक डर नजर आया वो काफी घबराए से दिखे ।
Sir आप 3rd फ्लोर का नाम सुन कर इतने घबरा क्यों रहे हो क्या बात है। क्या आप मुझसे कुछ छुपा रहे है ।
सच का दर्द
अंकल ने मुझे सारी कहानी बताना शुरू किया। और उन्होंने जो कहा उससे मेरा दिल टूट गया।
वो फ्लोर पिछले 10 सालो से खाली था न वहाँ कोई आता था न कोई जाता । और जिस लड़की की मै बात कर रहा था वो 11 साल पहले ही मर चुकी थी ।  उसके माता पिता का accident हो जाने के बाद वो एक दम अकेली रह गई थी ,न खाती थी न पिती थी बस खोई खोई रहती थी । और एक दिन ऐसा भी आया जब वो मरी हुई पायी गई। और पिछले 10 सालो से उस 3rd फ्लोर से रोने की आवाजे आती रहती है । 
मुझे कुछ समझ नही आ रहा था । लगता था की वो आज भी अपने माँ बाबा का इन्तजार कर रही हो।
तुम्हारी याद आएगी
मै उससे मिलना चाहता था इसलिए में फिर उस 3rd फ्लोर पर गया और bell बजाई ।
उसने दरवाजा खोला । और में अंदर आ गया ।
मै उस की ओर देख रहा था और वो मेरी ओर । मै जानता हु तुम मर चुकी हो ।  उसने मेरी ओर देखा और मेरे पास आई और मेरे गले लग कर कहा ... thankq  । आज बहुत दिनों बाद मुझे बहुत अच्छा लग रहा है ।
  और मेरा बाहर जाने का दिल कर रहा है । 
मैने बिना कुछ कहे उसे बाहर ले आया। हम दोनों एक पेड़ के निचे बैठ गए । उसका सर मेरे कन्धे पर था। मै उससे बहुत कुछ कहना  चाहता था पर कह नही पा रहा था । उसने कहा रवि  मुझे  नींद आ रही है ।
  सो जाओ ...... तुम्हारे माँ बाबा तुम्हे बुला रहे है ।
वो चली गई
अब उस फ्लोर से रोने की आवाजे नही आती ।
मै बस आसा करता हु की वो जहाँ भी हो टिक हो ।
 

Sunday, 21 June 2015

Nude Monster Man

I was getting late for the train. .last train abandoned the platform at 10 ..but now its 10:30. And next train reach the station at 2 am .. unlucky train has gone and the now stations  deep  full of silent . I sit eased and looking the star who look so sparkling . Nobody out there full of silent ,a strange silent. Cold air freezing my legs .my hands under the jacket who feel me little warm.
Suddenly a strange shadow come on me ,my heads down on my knees that why i couldn't see. Slowly slowly i move up , his leg has no shoes and i was totally surprised when i saw him ,he totally naked. Surely it was nothing unusual for a poor vagabond. he looked the way people of his type usually did, with a lon beard ,dirty, ragged, and bunch of alcohol bottles.
Soo why he naked that question mumbling rounded my heads.
I looked him over very carefully i quite frightened.
Then i remembered that peoples talk.. a naked wandering ghost eat many peoples around the old railway station.
  
I was quite scared. He stood like a statue in front of me
His mouth full of dribble, sharp teeth and horrible  red eyes .. and back hand he has a long sharp meet cutter ..
I though this is my end .but a bright light covered the whole place suddenly. That's my chances to escape . I ran fast to my last breath . But he was chasing me badly. A naked monster man eater too close to catch me but by god graced i felt down in a black pipe whole . his muddy  hand  try to grab my shirt and at least monster tore up my clothes . But somehow i saved myself to his killing hands. He tried so much to reached his hand on me but whole was long. Badly injured and helpless i just could wait for the morning.
Stinky and full of rats ,the whole was hell .one side man eater and another killer rats who was trying to eat my body parts . Every one minutes It was tough to live but these or another way I had to keep myself alive . He piss on me and so I tried every way to leave out. I continued to fight until the last mother and then the first rays of the sun fell on it incurred. Now that the ghost had no choice. She was looking at me still hungry eye. His red eyes and mouth full of saliva wanted me. I got a pipe which had peaked a vein. I raised him. The monster's eyes turned increasingly wise.  naked monster has gone through her fear until then I was hiding. As long as people do not come to the station.
Finally people of station saved me . One break bone and little injuries that all i have .. but more important that i had alive .
The ambulance came and took me. The incident point, the monster never seen by anyone.