Monday, 30 May 2016

समय यात्रा ताजमहल को बनते देखा )

यादे हमेशा दुःख का कारण होती है और अतीत जो बुरा हो जीने नही देता । मै रवि चौधरी आज भी उस समय यात्रा हो नही भूल पाया जो खून से भरा हुआ था । उन दिनों मै आगरा में था और एक किले की जांच कर रहा था । तभी मैने कुछ अजीब से निशान को देखा । वो किसी तरह की भाषा थी पर मुझे वो समझ नही आ रहा था । कई महीनो की शोध के बाद आखिर कार मुझे उन शब्दों का अर्थ मालुम चल गया । उन शब्दों को पढ़के पता चला की उस किले में एक कुआँ है और उस कुँए में एक दरवाजा है । पर उसके आगे के शब्द मिट चुके थे इसलिए मै उन्हें पढ़ नही पा रहा था ।
अगले दिन मै उस कुँए की खोज में लग गया और आखिर कार मैने उस गुप्त कुँए को खोज ही लिया ।
कुँआ एक अँधेरे तेखाने के निचे था जहाँ सिर्फ कीड़ो के अलावा कुछ नही था । मेरे हाथ में एक torch था और एक रस्सी । कुँए में निचे जाने का कोई और उपाए नही था तो मैने सामने एक पथर से रस्सी को बान्ध दिया और मुँह में torch डाल के निचे कुँए में उतरने लगा । कुँए में साँप और बिच्छी भी थे पर मुझे उनका उतना डर नही था मै तो कुँए की ख़ामोशी से डरा हुआ था । आखिर कार में नीचे पहुँच गया । सामने एक लकड़ी का पुराना दरवाजा था मैने उसे खोलने की कोशिस की पर वो नही खुला । आखिर कार मैने 5 कदम पीछे लिए और तेजी से दरवाजे की ओर दौड़ पड़ा । एक जोर दार आवाज हुई और मै उसदरवाजे से जा टकराया । दरवाजा जैसे की टूटा वैसे ही किसी अनजान तागत ने मुझे अंदर खीच लिया ।
जब मेरी आँखे खुली तो मै कहि और ही था। लगता था जैसे उस कुँए के दरवाजे ने मुझे कहि लाकर फेक दिया हो । मै किसी रेत के टीले के निचे था ।मैने आँखे साफ़ की और ऊपर की ओर चढ़ने लगा और जैसे ही मै ऊपर पहुँचा मेरी आँखे फ़टी की फ़टी रह गई । लाखो की तादाद में लोगो को कहि ले जाया जा रहा था । मर्द औरते बच्चे और बूढ़े सभी इस भीड़ में थे । सभी की हालत बहुत ही खराब थी और उन्हें बुरी तरह पिट पिट कर ले जाया जा रहा था । ये सब देख कर मेरी हालत खराब होने लगी थी और में बेहोश हो कर गिर पड़ा ।
जब मेरी आँख खुली तो मैने खुद को एक पुरानी सी झोपडी में पाया ।मेरे बगल में सुराही थी तो मैने थोडा पानी पि लिया और झोपडी से बाहर निकला ।
मै रवि चौधरी यह कह सकता था की आज मेरा दिन अच्छा नही था पर मैने ऐसा कुछ देखा जिसने मेरे होश ही उड़ा दिये । मेरे सामने ताजमहल था और वो अभी बन रहा था । ताजमहल के चार खम्भे अभी बने नही थे और बिच के गुम्बद पर काम चल रहा था । मै उन मजदूरो को देख सकता था जो इतनी उचाई पर काम कर रहे थे। मेरी खुशि का कोई ठिकाना नही था की तभी मेरे सिर पर किसी ने पीछे से मारा और मै गिर गया जब मेरी आँखे खुली तो मै देख कर हैरान हो गया । किसी ने मेरे पाव में जंजीर बाँध दी थी । और जब मैने नजरें घुमाई तो चारो तरफ शमसानो जैसा माहौल था । लाखो की तादाद में लोगो से जबरदस्ती पत्थर तुड़वाए जा रहे थे ।बच्चों से पानी मगाया जा रहा था और औरते व बूढ़े पत्थरो को ढोने का काम कर रहे थे । मुझे ये समझने में जादा देर नही लगी की मै अब एक गुलाम बना दिया गया हु ।
एक हफ्ता हो चूका था और मुझमे और एक कुते में जादा फर्क नही था यहाँ । काम करते करते मेरी बुरी हालत हो चुकी थी । खाने को यहां कभी कभी ही मिलता था वो भी ऐसा खाना जो जानवर भी न खाए।
मुझे रोज़ ताजमहल के ऊपर काम पर ले जाया जाता था । हमारा गुलामो का एक ग्रुप था और उसमे एक लीडर होता था । एक ग्रुप में 1000 लोग थे और इसी तरह दूसरे ग्रुप भी काम करता था । हम सभी ताजमहल का ऊपरी काम सम्भालते थे ।

(45 days)

आज एक आदमी ऊपर से गिर गया । पर मेरे लिए ये एक आम बात सी हो चली थी । रोज 100 से जादा लोग मरते थे कुछ भूख के कारण तो कुछ बिमारी की वजह से जादा तर तो यहा सिपाहियो के अत्याचार के कारण मारे जाते है । पर मै कुछ नही कर सकता हु क्योंकि मै खुद एक गुलाम था । रोज़ हजारो लोगों को जो मर जाते या बीमार होते उन्हें जिन्दा ही दफन दिया जाता था मुर्दो के साथ । जो भी काम करते करते मर जाते थे उन्हें ताजमहल की नीव में फेक दिया जाता था । एक दिन एक बच्चा पत्थरो के निचे आ गया पर उसमे जान बाकी थी फिर भी सेनिको ने उसे ताजमहल की नीव में फेक दिया । कई बार तो मरने वालो को दीवारो में ही चुनवा दिया जाता था ताकि ख़र्चा कुछ कम हो जाए ।

(Day 100)
आज 100 दिन हो चके है और मै यहाँ से निकलना चाहता हु । मरते बच्चे और औरतो की चीखे मै और नही सुन सकता था । मुझे कुछ तो करना था ।
पूरी रात मै यही सोचता रहा की जिस कुँए ने मुझे यहाँ भेजा है वही कुँआ मुझे फिर से मेरे वक्त में मुझे पहुँचा सकता है ।
यही सोच कर अगले दिन मैने सभी गुलामो से उस कुँए के बारे में पूछने लगा । मुझे काफी जानकारियां मिलने लगी और आखिर कार मुझे वहाँ जाने का रास्ता भी पता चल गया । पर वो जगह काफी दूर थी और सिपाहियो से नजर बचा कर वहाँ जाना नामुमकिन था । इसलिए मै यहाँ से भागने की तरकीब सोचने लगा ।

(Day 110)
इतनी मेहनत के बाद आखिर कार मुझे मौका मिल गया । इसे किस्मत कह ले या मौका पर आज एक गुलाम बच्चों की नई टोली आई और मेरा काम देखते हुए मुझे उन बच्चों का leader बना दिया गया अब मेरा काम उन बच्चों पर नजर रखना और पानी लाना था ।
(Day 120)
जब सिपाहियो को मुझ पर भरोशा हो गया तो उन्होंने मेरे ग्रुप पर नजर रखना छोड़ दिया यही मौका था जब में वापस जा सकता था । अगले दिन का मेरा प्लान पक्का था । मैने सैनिको से जादा ऊट माग लिए ताकि जादा पानी लाया जा सके और मै अपनी मंजिल की ओर निकल पड़ा । कई घण्टो की यात्रा के बाद आखिर कार वो कुँआ नजर आने लगा ।
जब मै उस कुँए के पास पहुँचा तो में हैरान रह गया कुँए में पानी था । अब मै कैसे उस दरवाजे तक पहुँचूँ यही सोचने लगा । तभी बच्चे कुँए से पानी निकालने लगे । और मेरे दिमाग में idea आ गया । मैने सभी से कहा चलो पानी निकाले ।
हम सभी कुँए से बेतहासा पानी निकालने लगे जब तक कुँए में पानी कम न हो गया ।

आखिर कार कुँए में पानी खाफी कम बच गया था की मै तैर कर अंदर जा सकु । मैने सभी बच्चों को ऊट पर बैठने के लिए कहा और सब से कहा की तुम आजाद हो जाओ यहां से भाग जाओ । सभी बच्चे खुश हो गए और ऊट पर बैठ कर सभी चले गए । उनके जाते ही मैने कुँए में छलांग लगा दी । और तैर कर निचे जाने लगा । आखिर कार वो दरवाजा मुझे नजर आया मैने उसे खोलने की कोशिस की पर वो नही खुला और फिर में हवा लेने ऊपर आ गया मैने एक और बार डुबकी लगाई और मैने अपनी पूरी तागत से दरवाजे को खीचा और दरवाजा खुल गया और मै उस दरवाजे के अंदर खीच गया । एक तेज रौशनी हुई और जब मेरी आँख खुली तो मै कुँए में ही था । मुझे लगा शायद में उस दरवाजे को खोल नही पाया और मै तैरते हुए निचे गया तो देखा की वहाँ दरवाजा था ही नही ।
मै जोर जोर से चिल्लाने लगा की कोई मेरी आवाज सुन ले । तभी किसी ने मेरी तरफ रस्सी फेकी और मैने उसे पकड़ लिया । काफी मेहनत के बाद मै ऊपर चढ़ कर आ पाया । सामने एक लड़की थी जिसने बुरखा पहन रखा था । मैने उससे पूछा की मै कहा हु । उसने कहा मै delhi में हूँ । और जब उसने मुझे तारीख बताई तो मै हँस पड़ा ।
मै 1857 मे पहुँच गया था ।
अगली बार पढ़िएगा । कैसे मै मंगल पांडे से मिला । to be continue.........

मीठा बदला ।

एक बार की बात है प्रिया नाम की लड़की delhi के कालका जी में रही थी वो बहुत ही खूबसूरत और कमसिन थी । अगर कोई उसे एक बार भी देख ले तो वो उस पे फ़िदा हो जाता था । लड़को की लाइन उसके घर के आगे लगी रहती थी पर वो किसी को भाव नही देती थी । एक दिन jack नाम का लड़का उसकी life में आया और जैसे ही jack ने प्रिया को देखा वो भी दूसरे लड़को की तरह प्रिया पर फ़िदा हो गया । पर jack का प्यार सच्चा था और वो उससे शादी करना चाहता था पर वो एक आम लड़का था जिसके पास न कार थी न पैसा । उसके पास कुछ था तो सिर्फ उसका प्यार और यही प्यार लेकर वो एक दिन प्रिया के पास पहुँचा । प्रिया रेस्टोरेन्ट में खाना खा रही थी । jack वहाँ पहुँचा और घुटनो पर बैठ गया और अपना हाले दिल कह सुनाया ।
ये बात सुन कर प्रिया जोर जोर से हसने लगी और उसे एक जोर दार लात मार के गिरा दिया । और प्रिया बोली तुझ जैसे को तो मेरी कुतिया भी पसन्द न करे । गरीब कहि के भिखारी की औलाद ।
उस दिन प्रिया ने jack को खूब कोशा और वहाँ से चली गई । लोग jack पर जोर जोर से हसने लगे । ये सब सुन कर jack बर्दाश नही कर पाया और सड़क की ओर भागने लगा , तभी सामने से आती बस ने उसे मार दिया और jack मर गया ।

( 2 हफ़्ते बाद । )
प्रिया अपने घर की छत पर खड़ी थी तभी उसने एक लड़के को देखा जो कार से उतर रहा था । उसे देख प्रिया मोहित हो गई और जल्दी से निचे उतर कर उस लड़के को देखने गई पर उसे वो लड़का नजर नही आया ।
एक दिन प्रिया ने फिर उस लड़के को देखा वो एक रेस्टोरेन्ट में खाना खा रहा था । प्रिया फौरन उससे मिलने चली गई । जब प्रिया ने उसे देखा तो देखती रह गई । वो रितिक और जॉन की तरह handsome था । और अमीर भी लग रहा था ।
प्रिया फौरन उसकी टेबल पर बैठ गई और उसकी ओर देखने लगी पर उस लड़के ने कोई ध्यान नही दिया । ये देख प्रिया ने कहा आप कैसे है । लड़के ने फिर कोई ध्यान नही दिया । काफी देर बाद जब प्रिया वही बैठी रही तो उस लड़के ने प्रिया को कहा आप को क्या चाहिए । तो प्रिया शर्मा कर बोली मुझे आप से दोस्ती करनी है । ये सुनते ही लड़का हसने लगा और। कहा तुम जैसी लडकिया मेरे रोज़ चक्कर काटती रहती है तो क्या हर किसी को अपना बना लू ।
ये सुनते ही प्रिया रोने लगी और ये देख कर लड़का उसे चुप कराने लगा । लड़का बोला ठीक है रो मत मै तुसे दोस्ती करूँगा पर तुम्हे मुझसे शादी करनी होगी ।
प्रिया फौरन मान गई और दो दिन बाद प्रिया और उस लड़के ने शादी कर ली ।
शोहाग रात के दिन प्रिया अपने कमरे उस लड़के का इन्तजार कर रही थी और लड़का कमरे में आ गया । प्रिया ने कहा की मै तुमसे बहुत प्यार करती हूँ मुझे कभी छोड़ कर नही जाना । और लाइट बन्द कर दी ।
अगली सुबह जब प्रिया आइने के आगे बाल बना रही थी तो तभी उसका पति उसे पीछे से पकड़ लेता है ।
प्रिया कहती है छोड़ो न ।
तभी प्रिया की नजर आइने पर पड़ती है । उसके पीछे उसके पति की जगह उसे jack नजर आता है ।
उसके शरीर फटा हुआ और आँखे बाहर निकली देख प्रिया चीख पड़ती है ।
तभी उसका पति बोलता है । क्या हुआ प्रिया तुम अब मुझे प्यार नही करती ।।
अब मै तुम्हे कभी नही छोडूंगा ।

ताजमहल का खजाना निचे की कब्र में ।

मै delhi के selectcity mall में प्रिया के साथ खाना का रहा था तभी प्रिया ने मेरे हाथो में हाथ डालते हुए कहा । रवि चलो न कहि घूमने चलते है ।
मैने कहा जानू कहा चले , तो प्रिया ने कहा की जहाँ तुम जहा चाहो ।  मैने कुछ देर सोचा और कहा ठीक है कल सुबह मिलते है । वो मान गई फिर जाते हुए उसने मुझे एक प्यार भरा आलिंगन किया । मैने भी उसके माथे को चूम लिया , फिर उसे कस के अपनी बाहो में भर लिया
  हम कल जाने की तैयारी करने लगे । मैने अपने साथ सभी जरूरी चीजे रख ली , बैग  को पैक किया और प्रिया के घर की ओर निकल पड़ा । जब मै प्रिया के घर पहुँचा तो वो तैयार खड़ी थी इसे देख मै हैरान रह गया , लडकिया और समय पर तैयार हो जाए कुछ बात सर नही लगी पर मै आप को क्या बताऊ मेरी प्रिया कुछ अलग है ।
आप लोग सोच रहे होंगे की हम बाइक पर जाएगे तो आप गलत है मुझे और प्रिया को रोमांच बहुत पसंन्द है इसलिए मै और वो निजामुदीन रेलवे स्टेशन की ओर हो लिए , मैने  पहले ही पूरा प्लान कर लिया था पर कहते है न जो होना होता है वो हो कर रहता है । मुझे नही पता था की जिस ट्रेन मे हम जा रहे है वो एक डम खाली होगी  , मानता हूँ की किसी भी आशिक के लिए ये एक सुनहरा मौका होता है पर  कभी कभी ये सब दुर्घटनाओं को भी आमन्त्रित करता है ।  पर हमारे पास कोई चारा नही था इसलिए हम उस में चढ़ गए , जल्द ही ट्रेन चल पड़ी । एक एक करके स्टेशन गुजरते चले गए और हम बोर होने लगे तभी प्रिया ने कुछ खाने को निकाला ,हम दोनों ने नास्ता किया , सब कुछ प्रिया ने अपने हाथो से बनाया था जो की काफी टेस्टी था । इसी बात पर मैने प्रिया का हाथ चूम लिया जिस कारण उस ने मुझे धक्का दे दिया जिससे मुझे चोट लग गई ।
मुझे चोट लगते ही वो फौरन मेरे पास आई और मुझे बाहो में भर लिया और बोली sorry रवि मैने जान बुझ कर नही किया और अपनी chhuni से मेरा सर सेकने लग । तभी मेरी निगाहें उसकी निगाहो से टक्करा गई और फिर मैने उसके होठो पर अपनी ऊँगली से हल्की सी सरारत की , फिर मेरे हाथ उसके बालो में उलझ गए ,हम दोनों बस एक दूसरे को ही देख रहे थे । कहि निगाहो का लड़ना ,कहि जुल्फों का बिखरना , कहि वो गर्म साँसे , कहि वो मीठी ठंडक । प्रिया का सर मेरे बाहो में था और कब एक दूसरे को देखते देखते हमे नींद आ गई हमे पता भी नही चला ।
अचानक हमे एक तेज आवाज सुनाई दी और हम दोनों की आँखे खुल गई , खिड़की से बाहर देखा तो अँधेरा हो चूका था । मुझे लगा कहि हम गलत जगह तो नही आ गए पर जब मैने ध्यान से देखा तो हम आगरा पहुँच चुके थे । हमने जल्दी से सारा सामान समेटा और आगरा स्टेशन उतर गए । आज स्टेशन पर काफी भीड़ थी इसलिए हम जल्दी से वहाँ से बाहर निकल आए । वहाँ से हमने auto किया और ताजमहल के लिए निकल पडे । आज प्रिया बहुत खुश थी उसने मेरे हाथो को कस के पकड़ रखा था और मै उसे देखे जा रहा था । जल्द ही हम ताजमहल पहुच गए ।
लेकिन जल्द ही हमारी ख़ुशी दुःख में बदल गई जब पुलिस वालो ने ऑटो रोक दिया । जब मैने रोकने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा की ताजमहल बन्द हो चूका है इसलिए आप अंदर नही जा सकते । मै और प्रिया ये सुन कर दुखी हो गए । हम एक तरफ जा कर बैठ गए । प्रिया ने मेरे कन्धों पर अपना सर रख दिया और मेरे हाथो में हाथ डाल कर बोली अब हम क्या करेगे । मैने उसे अपनी बाहो में कस लिया और कहा देखो आज पूनम का चाँद तुमसे कितना जल रहा है । जब मै तुम्हारे पास हूँ तो आज ताज भी तुम तक चल कर आएगा ।
To be continue
 
 
    
   आखरी ख़ुशी (एक साया)

कमीना आदमी ।

एक बार पड़ोस में हल्ला हुआ की साथ वाले शर्मा जी ने अपनी बीबी को मार दिया । पुलिस आई , लाश फ्रिज में 2 महीने से सड रही थी । पुलिस ने लास बाहर निकला और शर्मा जी को जेल ले गई । न जाने किस online shop पर बिक गई ।
कोई भी पड़ोसी अब शर्मा जी के घर पर भटक नही रहा था पर एक कमीना लालची पडोशी मौके की ताक देख रहा था । उसका नाम सुरेंदर था । वो बेहद ही कमीना और दोगला आदमी था।
सुरेंदर ने धीरे धीरे शर्मा जी के घर को खाली करना शरू कर दिया । कभी अलमारी तो कभी टीवी और एक एक करके सारा सामान गायब कर दिया । बस घर में एक ही चीज बच गई वो था वो फ्रिज ।
पर उस सुरेंदर की लालच की हवस पूरी नही हुई और उसने वो फ़िज़ भी हथिया लिया और उसे धो धा कर बेच दिया । अब वो लाश वाला फ्रीज़ न जाने किस बेचारे ने खरीदा ।
दोस्तों ऐसे लोगो की कमी नही दुनिया में ।
हर दूसरे घर में मिल जाएगा । जो दोगले और दौलत के भूखे होते है । कहि आप भी तो उनमे से नही
   आखरी ख़ुशी (एक साया)

कब्रिस्तान में love letter ।

आप विश्वास करे या न करे पर जब प्यार होता है तो भुत क्या आदमी कुते से भी शादी कर लेता है ।

मै रवि बच्पन से ही अपनी पड़ोस की लड़की प्रिया से बहुत प्यार करता था पर कभी उसे इस बारे में कुछ कह नही पाया और देखते देखते आज वो 16 साल की हो गई ।
मै अक्सर स्कूल जाते वक्त उसे देखा करता था । उसके गुलाबी गाल ,मोरनी सी गर्दन , सुनहरे बादलो जैसे बाल , उसके होठ , वो पुरे गांव में सबसे सुंदर थी और भोली भी । जब वो अपनी सहेलियों के साथ नदी किनारे खेलती और हस्ती थी तो मै उसे रोज़ छुप कर देखता था । मै उसे बेइंतहा प्यार करता था पर उसे कभी बोल नही पाया ।
पर हर प्रेम कहानी की तरह मुझे ये नही पता था की मेरी इन खुशियो को जल्द ही नजर लग जायेगी । कहने को तो मै उन्हें दोस्त कहता था पर पूरा गांव जानता था की जतिन और उसके दोस्त कितने कमीने लड़के है ,आय दिन लड़कियो को छेड़ना और लोगो को परेशान करना उनकी फिदरत थी ।। एक दिन मै नदी किनारे बैठा था तभी पीछे से जतिन और उस की टोली ने मुझे पकड़ लिया । जतिन बोला क्या बे रवि क्या कर रहा है यहां पर । मैने कहा कुछ नही जतिन । तभी जतिन ने कहा की आज मैने प्रिया को देखा , बहुत मस्त लग रही थी ।
ये सुनते ही मेरे शरीर में आग सी लग गई । फिर जतिन बोला यार मुझे प्रिया चाहिए । बाकी लड़के भी यही कहने लगे । ये सब सुन कर मेरा मगज गर्म हो रहा था । तभी जतिन बोला रवि तू क्या सोचता है । मैने लड़खड़ाते हुए जबान से कहा हो सकता है प्रिया किसी और से प्यार करती हो। जतिन बोला मैने सब पता कर लिया है कोई भी लड़का उसकी life में नही है । यही सही मौका है कल मै प्रिया को अपना बना कर रहूँगा । फिर जतिन जोर से बोला सुन लो सभी आज से वो मेरी girlfriend है ।
ये सुनते ही मेरे दिल टूट सा गया पर मैने हार नही मानी और मै बोल उठा । जतिन ये गलत बात है । जब तक प्रिया अपनी मर्जि न दे तू उसे अपनी कैसे कह सकता है पहले प्रिया हा तो कर दे तुझे । मेरी बात सुनते ही सभी लड़के भी यही कहने लगे जिसे सुन कर जतिन बोला ठीक है । इसका फैसला हम कल करेगे ।
मै काफी डरा हुआ था की कल क्या होगा और इसी कारण रात भर सो नही पाया । अगली सुबह मै स्कूल के लिए तैयार हो गया । मैने मन ही मन फैसला कर लिया की आज प्रिया को अपने दिल की बात बोल कर ही रहुगा ।

जब स्कूल की छुटी हुई तो जतिन और उसका दल प्रिया और उसकी सहेलियों के पीछे हो लिया । मै भी जतिन के पीछे चलने लगा । काफी देर चलने के बाद जब काली कब्रिस्तान आया तो जतिन अचानक से प्रिया के सामने आकर उसे रोकने लगा , मै ये सब देख रहा था । प्रिया ने जतिन को रोकने का कारण बताया । तो जतिन ने उससे सारा हाल कह डाला । तब तक मै भी वहाँ आ पहुँचा , मै प्रिया और जतिन को देख रहा था, प्रिया भी मुझे देखने लगी ।
तभी प्रिया ने कहा की मुझे मंजूर है । ये सुनते ही मेरे पैरो तले जमीन खिसक गई । मेरा सब कुछ लूट गया । क्या मेरे बच्चन का प्यार लूट जाएगा ?
तभी प्रिया बोली की मेरी एक शर्त है और अगर तुम वो पूरी कर सके तो मै तुम्हारी ।
जतिन बोला मै कुछ भी कर सकता हूँ ।
तब प्रिया बोली की तुम्हे कुछ लाना होगा ।
जतिन ने कहा क्या लाना है ।
प्रिया बोली सामने काली कब्रिस्तान है , ठीक रात बारह बजे तुम्हे वहां से एक letter लाना है । और अगर वो letter तुम ले आए तो मै तुम्हारी ।
मै और जतिन दोनों ने ये बात सुनी , फिर ये सुनते ही जतिन का चहरा सफेद पड़ गया । कुछ देर की ख़ामोशी के बाद जतिन बोला मै करूँगा ।
प्रिया बोली ठीक है फिर मिलते है letter के साथ , प्रिया ने मुझे देखा और हँसते हुए बोली तुम भी जा सकते हो रवि ।। जतिन बोला ये क्या लाएगा प्रिया देखना मै ही वो letter लाऊगा तुम्हारे लिए ।
मुझे नही पता था की वो मुझे भी ऐसा कहेगी अब तो मे भी रेस में था । जल्द ही सब अपने अपने घर चले गए ।
रात आ चुकी थी और मेरा दिल भी घबरा रहा था । मैने थोड़ी हीम्मत की और काली कब्रिस्तान की ओर चल दिया , जब मै वहाँ पहुँचा तो सभी लोग वहाँ पहले से ही मौजूद थे । प्रिया उसकी सहेलिया और जतिन और उसके दोस्त ।
जतिन बोला , तो तू आ गया रवि ।
तभी प्रिया बोली चलो अब मै तुम्हे बताती हूँ की क्या करना है । जब तुम ऊपर की ओर जाओगे तो तुम्हे एक मूर्ति मिलेगी वहाँ से तुम मोमबत्ती और माचिस ले सकते हो उसके बाद तुम जब थोड़ी दूर और चलोगे तो तुम्हे एक कब्र मिलेगी उसी के ऊपर एक letter मिलेगा ।
जो भी उस letter को लाएगा वही मेरा दोस्त बनेगा । ये सुनते ही बाकी सभी लड़के भाग खड़े हुए , सिर्फ मै और जतिन बचे । इसलिए अब हम दोनों के बिच ही मुकाबला रह गया था ।
कुछ ही देर में मुकाबला शुरू हो गया और जतिन तेजी से भागने लगा । रात का वक्त था और चारो ओर अँधेरा सिर्फ चाँद की रोशनी के कारण कुछ 2 नजर आ रहा था । मै भी जोश में था और जतिन को टक्कर दे रहा था ।
तभी एक साँप निकल कर मेरे आगे आ गया और इसका फायदा उठा कर जतिन आगे निकल गया और मूर्ति तक पहुँच कर मोमबत्ती उठा ली । जैसे तैसे मै साँप से बचा और जब मै मूर्ति तक पहुचा देखा वहाँ कोई और मोमबत्ती नही थी । अब मेरे पास कोई और चारा नही था करो और मरो की बेला आ चुकी थी इसलिए मै अँधेरे में ही उस कब्र की ओर निकल पड़ा , मुझे अपने प्यार पर भरोशा था तभी मैने जतिन की चीख सुनी , वो चिल्ला रहा था भागो चुड़ैल -2 ये सुनते ही मेरे हाथ पाव फूल गए । मैने देखा जतिन तेजी से मेरी ओर भागते हुए आ रहा था और अचानक मेरी ओर रुकते हुए बोला रवि भाग यहाँ चुड़ैल है । और वो निचे की ओर भाग गया ।

मै काफी डर चूका था पर मै ऐसे कैसे भाग जाता । मुझे हर बार प्रिया का ख्याल आ रहा था मै किसी भी कीमत पर उसे अपना प्यार साबित करना चाहता था । इसलिए मै कब्र की तरफ बढ़ने लगा । काफी देर चलने के बाद मुझे वो कब्र नजर आई पर मेरे चेहरा पिला पड़ गया जब मैने उस पर एक लड़की को बेठा देखा उसके बाल काफी लम्बे थे और वो गर्दन झुका कर वहाँ बैठी हुई थी ।
मेरे पाओ काम करना बन्द कर चुके थे । मै काफी देर तक वही खड़ा रहा । मुझे बार बार प्रिया का चेहरा याद आ रहा था । मैने थोड़ी हिम्मत इक्कठी की और कब्र के पास जाकर उस चुड़ैल को दबती आवाज में बोला । जी क्या आप ने यहाँ कोई letter देखा है । चुड़ैल कुछ नही बोली । मैने अपनी बात फिर दोहराई पर इस बार उसने पास आने का इसारा किया । मै डरते डरते उसके पास पहुँचा । तभी मैने कहा देखो मुझे मत खाना , दरसल मै एक लड़की को बच्च्पन से बहुत प्यार करता हूँ उसका नाम प्रिया है । और उसी के लिए मै यहाँ तक आया हूँ ।
तभी चुड़ैल ने कहा तो अब तक मुझे बताया क्यों नही । मै पूरी तरह हैरान हो गया वो तो प्रिया की आवाज थी तभी चुड़ैल ने अपने बालो को ऊपर किया । और मेरा दिल रुक सा गया वो प्रिया ही थी जो चुड़ैल बनी हुई थी । मै पूरी तरह हैरान था की अब क्या करुँ ।
मै बस प्रिया को देख रहा था और प्रिया मुझे ।
तभी हम दोनों को कोई आवाज सुनाई दी । एक बड़ा काला साया हमारी ओर आ रहा था ये देख प्रिया ने मेरे हाथो को पकड़ लिया । और मैने भी प्रिया को पकड़ लिया । देखते ही देखते वो काला साया करीब आने लगा । और अचानक एक तेज रौशनी हमारे चेहरे पर पड़ी और वो साया बोला कौन है वहाँ पर । वो कोई और नही कब्रिस्तान का चौकीदार था । उसे देखते ही मै और प्रिया तेजी से भाग खड़े हुए ।
हम काफी देर तक भागते रहे और फिर घर आ कर ही रुके ,वो बिना कुछ बोले अपने घर चली गई और मै भी अपने घर आ गया । मै सारी रात नही सोया ।
अगली सुबह मै स्कूल के लिए तैयार हो गया । जब मै स्कूल पहुँचा तो वो पहले से ही वहाँ थी पर वो कुछ नही बोली ।
जल्द ही स्कूल की छुटी हो गई मैने उसे हर जगह ढूंढा पर वो नही मिली । मै निराश हो कर घर की ओर जा ही रहा था की मुझे एक आवाज सुनाई दी वो प्रिया ही थी ।
मुझे भरोशा नही हुआ । वो मेरे पास आई और कहा रवि कहा जा रहे हो मैने कहा घर ।
प्रिया बोली मै भी चलती हूँ ।
तभी मैने कहा प्रिया मुझे तुम्हे कुछ कहना है तभी प्रिया ने मेरे होठो पर अपने हाथो को रखते हुए कहा मुझे पता है तुम्हे क्या कहना है ।
मुझे पता चल गया था की वो भी मुझे बहुत प्यार करती है कभी कभी जुबा का काम सिर्फ आँखे ही कर देती है ।
उसका हाथ मेरे हाथो में था और हम अपने घर जा रहे थे ।
The End ..
अगली बार पढ़ना न भूलियेगा एक और मेरे और प्रिया की कहानी ।अगर story अच्छी लगी तो page like करे । story शेयर करे

काला जादू काम कैसे करता है ।

दोस्तों आज मै आपको काले जादू का एक सच बताने जा रहा हूँ और यह कैसे काम करता है ।
कुछ शैतानी आत्माए जो बहुत ही तागतवर होती है और जिनसे बचना लगभग नामुमकिन है वो ऐसे लोगो को अपना शिकार बनाती है जो काला जादू करना जानते है । जिन्होंने काला जादू सीखा हो और कई सालो से उनका इस्तेमाल कर रहा हो । ऐसे तांत्रिक अपनी शक्तियो को बढ़ाने के लिए शैतानी आत्माओ को अपने वष में करते है ताकि बाद में उनका प्रयोग लोगो को नुकशान करने के लिए इस्तेमाल कर सके । जैसी की जान से मारना या सताना व बीमार कर के मारना ।
दरसल ये तांत्रिक ये नही जानते की जिन आत्माओ को वो अपने काबू में करके लोगो को नुकशान पहुचा रहे है दरसल वो खुद ही गुलाम बनना चाहती थी ।
आप सोच रहे है ऐसा क्यों ।
दरसल इन आत्माओ को एक अच्छा मौका मिल जाता है अपनी ताकत बढ़ाने का । ये आत्माए सिर्फ उन लोगो को ही नही परेशान करती जिनपे काला जादू किया गया है बल्कि काला जादू करने वाले को भी नुकशान पहुचाती है ।
काला जादू में इस्तेमाल की जाने वाली बुरी आत्माओ उन दोनों लोगो का इस्तेमाल करती है जो काला जादू करते है और जिनपे किया गया है ।
अगर किसी को मारने के लिए बुरी आत्मा का इस्तेमाल किया जाता है तो बदले में ये आत्मा कुछ न कुछ जरूर ले लेती है । इस काली दुनिया में भी बिना लेंन देन के कुछ नही होता ।
ये बुरी आत्माए ही सब कुछ करती है । एक तरह से वो कॉन्ट्रेक्ट किलर की तरह होती है बस यहाँ पैसे की जगह वो आत्माए उन लोगो की आत्माओ को निगल जाती है जिनपे काला जादू किया गया है ।
साथ ही जादू करने वाले को भी कुछ देना पड़ता है ।
मै रवि और जरूरी बाते लाता रहुगा तब तक के लिए like और share करे ।

इन स्थानों पर जूते-चप्पल उतार कर जाने से मिलते हैं जादूई लाभ, आजमा कर देखें

इन स्थानों पर जूते-चप्पल उतार कर जाने से मिलते हैं जादूई लाभ, आजमा कर देखें

पुरातन समय में कुछ ऐसे स्थान होते थे जहां प्रवेश करने से पूर्व जूते-चप्पल बाहर उतार दिए जाते थे लेकिन जैसे-जैसे लोगों पर पाश्चत्य संस्कृति का दबदबा बन रहा है वैसे-वैसे वह अपने ऋषि-मुनियों और विद्वानों द्वारा दिए गए संस्कारों और मान्यताओं को भूलते जा रहे हैं। जिससे की अनचाही मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

ध्यान रखें इन स्थानों पर जाते समय जूते-चप्पल नहीं पहननें चाहिए-

* तिजोरी अथवा अपने धन रखने के स्थान पर जूते उतार कर जाना चाहिए क्योंकि धन को देवी लक्ष्मी के समान माना जाता है और उनके पास जूते पहनकर जाने का अर्थ है उनका अनादर करना। जहां लक्ष्मी का अनादर होगा वो उस स्थान को त्याग देती हैं।

* पवित्र नदी को देवी स्वरूप माना गया है। उसमें जूते-चप्पल अथवा चमड़े से बनी चीजें पहनकर जाने से पाप लगता है।

* रसोई में नंगे पैर ही प्रवेश करें। स्मरण रहे रसोई व्यवस्थित, शुद्ध और साफ-सुथरी होनी चाहिए। ऐसी रसोई में देवी-देवता अपना स्थाई वास बना लेते हैं जिससे घर में कभी भी धन और सुख-समृद्धि की कमी नहीं रहती।

* भंडार घर में देवी अन्नपूर्णा का वास माना जाता है। उसका रख-रखाव भी रसोई की भांति ही करना चाहिए अन्यथा घर में कभी अन्न की बरकत नहीं होती।

* श्मशान में जब किसी को अंतिम विदाई देनी हो तो वहां भी जूते पहन कर नहीं जाना चाहिए।

* अस्पताल में किसी संबधी का हाल पूछने जाएं तो उसके कमरे में भी जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए।

* घर में देवी-देवताओं का स्थान होता है। वहां दैवीय शक्तियां निवास करती हैं। ऐसे में

जूते-चप्पल पहनकर घर में घुमते हैं तो उनका अपमान होता है।